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WTC फाइनल में टीम इंडिया की परेशानी: पिछली 7 टेस्ट पारियों में सिर्फ 1 अर्धशतक जमा पाए हैं गिल, फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर न होना पड़ सकता है भारी

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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न्यूजीलैंड के खिलाफ साउथैम्पटन में 18 से 22 जून तक होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशप फाइनल के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट के बाद टीम के बाहर किए गए ओपनर पृथ्वी शॉ 20 सदस्यीय दल में जगह नहीं बना पाए हैं। वहीं, ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को भी बाहर रखा गया है। रोहित के साथ पारी की शुरुआत का जिम्मा फिर से शुभमन गिल को दिया जा सकता है। वहीं, मीडियम पेसर ऑलराउंडर की भूमिका शार्दूल ठाकुर को दी जा सकती है। क्या ये दोनों भारतीय टीम की जरूरत को पूरी कर सकते हैं। चलिए जानने की कोशिश करते हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं चले गिल
शुभमन गिल ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न टेस्ट मैच में डेब्यू किया था। ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट मैचों की 6 पारियों में उन्होंने 45, 35*, 50, 31, 7 और 91 रनों की पारियां खेलीं। मुश्किल परिस्थितियों में यह प्रदर्शन तारीफ के योग्य था। इसे देखते हुए उन्हें भारत में इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में भी मौका दिया गया। लेकिन, इस सीरीज में गिल ने 7 पारियां खेलीं और सिर्फ एक में अर्धशतक जमा पाए। इन 7 पारियों में उनका स्कोर 29, 50, 0, 14, 11, 15* और 0 रहा। जाहिर है जो ऑस्ट्रेलिया का अच्छा प्रदर्शन काफी पीछे छूट गया और एक के बाद एक कई नाकामयाबी पीछे लग गईं।

IPL 2021 में भी फेल हुए
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद गिल IPL 2021 में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। कोलकाता नाइटराइडर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 15, 33, 21, 0, 11, 9 और 43 रनों की पारियां खेलीं। वैसे तो टी-20 क्रिकेट टेस्ट से बिल्कुल जुदा है लेकिन यदि वे IPL में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाते तो WTC फाइनल में उनका मनोबल ऊंचा होता।

नजरअंदाज हुई शॉ की अच्छी बल्लेबाजी
चयन समिति ने पृथ्वी शॉ के शानदार फॉर्म को नजर अंदाज किया। गिल से पहले शॉ ही बतौर ओपनर टीम की पसंद थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट मैच की दो पारियों में विफलता के बाद वे बाहर कर दिए गए। इसके बाद शॉ ने भारत लौट कर कोच प्रवीण आमरे के साथ मिलकर अपनी तकनीक में मौजूद खामियों को दूर किया और घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगा दिया। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 8 मैचों में 165.40 की औसत से 827 रन बनाए। इसमें 4 शतक मौजूद थे। इसके बाद शॉ ने IPL में 8 मैचों में 308 रन बनाए।

क्या इंग्लैंड में सफल हो पाएंगे शार्दूल
आउट ऑफ फॉर्म ओपनर के अलावा टीम इंडिया के लिए दूसरी बड़ी मुश्किल विशेषज्ञ फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर का न होना है। हार्दिक पंड्या बॉलिंग फिटनेस हासिल नहीं कर पाए हैं, लिहाजा उन्हें नहीं चुना गया। उम्मीद की जा रही है कि शार्दूल ठाकुर यह जिम्मेदारी निभाएंगे। शार्दूल ने ब्रिस्बेन टेस्ट में जरूर 67 रनों की पारी खेली थी, लेकिन अपने 63 मैचों के फर्स्ट क्लास करियर में वे एक भी शतक नहीं जमा पाए हैँ। शार्दूल लोअर ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर उपयोगी हो सकते हैं लेकिन बतौर ऑलराउंडर वे कितने सफल होंगे यह देखने वाली बात होगी।

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